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Saturday, May 8, 2021

वो माँ ही है जिसका प्यार कभी कम या खत्म नहीं होता……




अर्पिता सविता

फतेहपुर


जब कोई बच्चा बड़ा होकर बोलना शुरू करता है तो उसका पहला शब्द होता है “माँ” यानी एक शिशु के लिए माँ ही सबकुछ होती है, और जैसा की कहा भी गया है की बिन माँ सब सुन, यानि बिना माँ के घर एकदम सुना सुना लगता है. हर किसी के जीवन में माँ का खास महत्व होता है, आज जो भी बड़े होकर बनते है, उसमे कही न कही माँ की छाप जरुर होती है,ममता और प्यार का दूसरा नाम ही माँ है, पूरी दुनिया में एक माँ ही होती है, जो अपने बच्चो से निस्वार्थ प्यार करती है, पूरी दुनिया तो हमे जन्म लेने के बाद जानती है, लेकिन एक माँ ही होती है, जो हमे कोख से ही जानना शुरू कर देती है, यानि एक इन्सान के जीवन की शुरुआत उसकी माँ के आशीर्वाद से ही होता है।


जब हम पैदा होते है, बड़े होकर चलना शुरू करते है, फिर बोलना शुरू करते है, खाना पीना शुरू करते है या फिर पढ़ाई लिखाई के लिए आगे बढ़ते है, हर स्थिति में माँ से इन चीजो की शुरुआत होती है, चाहे हमे चलना सीखना हो, माँ ही चलाना सिखाती है, बोलना सीखना हो, तो ममा ममा बोलकर बोलना सिखाती है, चाहे हमे भूख लगती है तो पहले अपना दूध पिलाती है, जब दांत अ जाते है, तो अपने हाथो से प्यार से हमे खाना खिलाती है, और फिर पढ़ने के लिए सबसे पहले हमारी पहली शिक्षिका माँ ही बनती है, जो हमे अक्षर, मात्रा का ज्ञान सिखाती है।


यानी माँ ही ऐसी होती है, जो अपने दुखो को भूलकर अपने बच्चो की परवरिश करती है, भले ही माँ भूखी सो जाए लेकिन कभी भी कोई माँ अपने बच्चो भूखे नही सोने देती है. और रात में जब नीद नही आती है, तो हमारी माँ लोरिया सुनाकर सुलाती है, और बच्चो को परियो, राजाओ, राजकुमारों की कहानिया भी सुनाकर रोमाचित करती है.माँ अपने बच्चो को देखकर हमेसा खुश होती है, अगर बच्चो को थोडा सा भी दुःख होता है, तो माँ विचलित हो जाती है, और अपने सारे गमो को भूलकर अपने बच्चो के दुःख दूर करने में लग जाती है. इस तरह हर किसी की ऐसी प्यारी माँ होती है।

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