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Monday, October 19, 2020

कानपुर नगर! उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चेयरमैन जानकी शरण पांडे को उदय विला सिविल लाइंस पर फीस माफी के मुद्दे पर अखिल भारतीय पीड़ित अभिभावक महासंघ के अध्यक्ष राकेश मिश्रा व उन्नाव अभिभावक संघ के अध्यक्ष सुनीत तिवारी ने ज्ञापन सौंपा।


राकेश मिश्रा निडर ने उन्हें बताया कि वैश्विक महामारी के कारण पिछले छह महीने से स्कूल बंद है अभिभावक लॉक डाउन समय की फीस माफी की मांग और स्कूल न खुलने तक ऑन लाइन क्लास के अनुसार फीस निर्धारण की मांग सरकार से कर रहे हैं, लेकिन सरकार अभिभावको की आवाज को अनसुना कर चुप्पी साधे है और प्रदेश के शिक्षा मंत्री निजी स्कूलों के पक्ष में बयान दे रहे या यूं कहें सीधा सीधा संरक्षण दे रहे हैं! साथ ही जिला प्रशासन के हाथ सरकार के आदेश के साथ बंधे है जिला प्रशासन भी अपने विवेक से कोई निर्णय नही लेना चाहता है शायद जनता द्वारा दी गई कलम की शक्ति और निर्णय लेने की छमता को इन्होंने सरकार के समक्ष गिरवी रख दिया है अभिभावको ने सरकार तक अपनी आवाज पहुचाने के लिए कोई कसर नही छोड़ी  क्योकि आप सभी जानते है सत्ता में बैठे हुये नेताओ के ही अधिकतर निजी स्कूल है या आप कह सकते है प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सरक्षण प्राप्त है इसलिये इस मुद्दे पर सभी एक मंच पर साथ खड़े होकर चुप्पी साधे है जिसका प्रमाण आप और हम देख रहे है साथियो अब प्रशन यह उठता है कि आखिर अभिभावक करे तो या करे इसका जबाब है जब शासन ,सत्ता और न्याय तंत्र एक साथ मिल जाये तो जनता को मतलब अभिभावको को अपने निर्णय खुद करने होंगे चाहे वो 19 अक्टूबर से खोलने के निर्णय पर अपने बच्चों को स्कूल भेजने या ना भेजने का हो या फिर 6 महीने से बंद स्कूलो की फीस देने या ना देने का तभी इन मुद्दों को हल संभव है। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से शामिल रहे एडवोकेट अवधेश कुमार पांडे, एडवोकेट विवेक हिंदू, संजीव चौहान, मीनाक्षी गुप्ता, एडवोकेट वीरेंद्र श्रीवास्तव, एडवोकेट सचिन तिवारी, शाकिर अली उस्मानी, एडवोकेट उषा मिश्रा, केसी शर्मा, एसके साहू, नवीन अग्रवाल इत्यादि रहे।

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