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Saturday, July 25, 2020

कुछ सदियों पुरानी परंपराएं जो आज भी जिंदादिल भारत की पहचान है



शिवम् सविता

जिस तरह हम ‘मार्शल आर्ट्स' शब्द बोलते हैं, और हमारे जहन में 'कुंग फू 'कराटे' शब्द आता है, तो हम ब्रुस ली या जैकी चैन के बारे में सोचते हैं जो हमें तेज कलाबाजियां दिखाते रहते हैं। तब हमारा ध्यान शाओलिन भिक्षुओं की तरफ जाता है, और यही सोचकर हम अपने बच्चों को आत्मरक्षा तकनीक सीखने के लिए स्थानीय कराटे क्लब में भेजते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में कुछ दुर्लभ मार्शल आर्ट तकनीकों का आविष्कार हुआ और उसे विकसित किया गया? वास्तव में, भारत विविधता में एकता की वास्तविक भूमि है, यहाँ प्रत्येक राज्य, मार्शल आर्ट के रूप में अपनी चुनिंदा आत्म-रक्षा तकनीकों की पेशकश करता है। यह कैलेंडर वर्षों पुरानी मार्शल आर्ट के 12 संस्करणों पर आधारित है, जो आज भी अनुष्ठानों, समारोहों, खेल, शारीरिक फिटनेस के साधनों और आत्म-रक्षा तकनीकों के रूप में प्रदर्शित किए जाते हैं।

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