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Tuesday, November 5, 2019

कानपुर : कार्यशाला का आयोजन कर छात्राओं को किया गया जागरूक।


रिपोर्ट- शिवम सविता

मां भगवती मेमोरियल चैरिटेबल सोसायटी के तत्वाधान में  उच्च प्राथमिक विद्यालय, नौबस्ता,  कई स्कूल में मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं से निपटने के तरीकों को लेकर छात्राओं के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था की सचिव अनुराधा सिंह ने कहा कि महावारी एक नेचुरल प्रक्रिया है। और यह बालिकाओं में लगभग 11 से 12 साल की उम्र से शुरू हो जाती है! यह कोई बीमारी नहीं है।बस बालिकाओं को इसके बारे में पहले से ही पूर्ण जानकारी होनी चाहिए। वह उसका उचित प्रबंधन कर सके और अपने आप को स्वस्थ रख सके। कार्यशाला में उपस्थित विशेषज्ञों ने छात्राओं को महावारी के समय होने वाली समस्याओं से अवगत कराया तथा उनके समाधान के तरीकों को भी विस्तार में समझाया ताकि छात्राएं स्वयं अपना ध्यान रख सके और दूसरों को भी संक्रमण से होने वाली बीमारियों से बचा सके  इसके लिए बालिकाओं को महावारी के समय काटन के साफ कपड़े या सेनेटरी पैड्स  का इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि गंदगी की वजह से ही संक्रमण फैलता है। और यह बड़ी बीमारी का रूप ले लेती है! और इसके साथ-साथ मुलायम काटन पेंटीज पहननी चाहिए किसी भी तरह के  रंग-बिरंगे , चुभने वाले नायलॉन के अंडर गारमेंट्स नहीं पहनने चाहिए। इस अवसर पर संस्था की संरक्षिका सुनीता कनौजिया विद्यालय की अध्यापिका मीनाक्षी व रचना यादव, डॉ ज्ञानेंद्र कुमार, निहारिका मेहरा ,अर्चना तिवारी के साथ संस्था के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

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