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Friday, October 4, 2019

फलक चैरिटेबल एंड एजुकेशनल ट्रस्ट व दोस्त सेवा संस्थान ने डीएम को सौंपा ज्ञापन।


ब्यूरो रिपोर्ट


कानपुर। निशुल्क एवं बाल शिक्षा का अधिकार बच्चों का मौलिक अधिकार है जो कि बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ा है कानपुर नगर में आरटीई के लाटरी के माध्यम से बेसिक शिक्षा के सत्यापन के बाद उनके प्रवेश स्कूलो में प्रवेश हुये थे जिसकी जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा तय थी और जो स्कूल प्रवेश नही ले रहे है उन स्कूलो को अमान्य श्रेणी का करते हुये उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा नियमावली व शासनादेश के तहत कार्रवाही सुनिश्चत, करनी थी बेसिक शिक्षा अधिकारी को इस सम्बन्ध में कई बार प्रत्यावेदन दिया गया लेकिन कोई कार्रवाही आपके स्तर नही हुयी जो मुझे अधिनियम की धारा के अनुसार समस्त प्रकरण को राष्ट्रीय बाल आयोग में प्रत्यावेदन दिया जो सभी संलग्नक है। फलक चैरिटेबल एंड एजुकेशनल ट्रस्ट एवं दोस्त सेवा संस्थान द्वारा आज जिलाधिकारी कार्यालय में पुनः ज्ञापन दिया गया। उन्होंने बताया कि ज्ञापन का उद्देश्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जिन बच्चों को शासन द्वारा लॉटरी में चयन किया गया था उक्त सभी बालकों को उक्त अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रवेश कराया जाता है। परंतु जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला अधिकारी की शिक्षा माफियाओं से मिलीभगत के चलते आज दिनांक तक अलाभित्त एवं दुर्बल वर्ग के बच्चे शिक्षा से वंचित है। 

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