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Friday, September 20, 2019

कानपुर : दयानंद पीजी कॉलेज सात दिवसीय कार्यशाला का किया गया आयोजन


रिपोर्ट- मंगल सिंह तोमर

दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज में बीआईएफ सेंटर द्वारा चल रही सात दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन बायोटेक पार्क लखनऊ से आमंत्रित वक्ता वैज्ञानिक डॉ सुनील कुमार गुप्ता आए सेंटर की समन्वयक डॉ विजयलक्ष्मी सक्सेना ने कार्यशाला के दूसरे दिन सभी उपस्थित शिक्षकों एवं छात्रों का स्वागत किया। कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए डॉ अर्चना दीक्षित ने बताया कि बताया कि किस प्रकार जिन और प्रोटीन में जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले क्रमागत उन्नति एवं जेनेटिक परिवर्तनों की पहचान इवोल्यूशनरी एनालिसिस के द्वारा फाइलो जेनेटिक ट्री बनाकर की जा सकती है। बायोइनफॉर्मेटिक्स के अनुप्रयोगों को बताते हुए उन्होंने बताया की माइक्रो बीएल जिनोम एनालिसिस के द्वारा किस प्रकार से जलवायु परिवर्तन एवं रीसाइक्लिंग कचरे से ऊर्जा उत्पादन इन सभी क्षेत्रों में शोध कार्य किया जा सकता है। आमंत्रित वक्ता डॉ सुनील कुमार गुप्ता ने बताया की बायोइनफॉर्मेटिक्स जीव विज्ञान के क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी का प्रयोग तथा बायो लॉजिकल डाटा के प्रबंधन एवं विश्लेषण हेतु कंप्यूटर टेक्नोलॉजी का अनुप्रयोग हैं। इस में कंप्यूटर का उपयोग बायो लॉजिकल आंकड़ों के संकलन भंडारण विश्लेषण तथा संयोजन के लिए किया जाता है। यह एक उभरता हुआ रिसर्च क्षेत्र है तथा जीव विज्ञान की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए इसका उपयोग बढ़ता जा रहा है। बायोइनफॉर्मेटिक्स में कंप्यूटर एप्लीकेशन का उपयोग बायो लॉजिकल आकड़ों में छिपी जैविक सूचनाओं का उजागर कर उसे मानव जीवन के स्तर को ऊपर उठाने के लिए किया जाता है ।बियोइंफोर्मेटिक में बड़े पैमाने पर साधारण मनुष्य और समाज में संबंधित मुद्दों को हल करने की कुंजी है। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षक, शिक्षिकाएं ,छात्र एवं छात्राएं सम्मिलित हुए ।डॉ अंजली श्रीवास्तव, डॉ अर्चना श्रीवास्तव, डॉ अर्चना दीक्षित, डॉ रचना प्रकाश ,डॉ वंदना निगम, डॉ अलका श्रीवास्तव, डॉ शशि अग्रवाल आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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