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Wednesday, March 13, 2019

KANPUR : मलिन बस्तियों की भूमि पर भू-माफियाओं की निगाहे टिकी।





शहर में भूमाफियाओं का बोल-बाला बढता ही जा रहा है। खाली पड़ी, गरीब, किसान, मजबूर लोगों की जमीनों को दाम से या दबंगई से हथियाकर महंगे दामों में व्यवसायीकरण का खेल-खेला जा रहा है। आये दिन अधिकारियों के कार्यालय में जमीन सम्बन्धित विवाद आते है और मबजूर व लाचार लोग अपनी व्यथा बताते है। इतना ही नही शहर की खाली पड़ी जमीन के साथ घोषित मलिन बस्तियों में भी भूमाफियाओं की निगहे लगी हुई है और यह भूमाफिया ऐसी जमीनो को हथियाने के लिए विभागयी सांठ-गांठ कर हर कला अपनाने में लगे है। इसी प्रकार अहाता संख्या 86/266, छब्बा लाल का अहाता, रायपुरवा, जी०टी० रोड एक बहुत बड़ा अहता है जिसमें लगभग 89 प्लाट है एवं यहां लगभग 93 लोग अध्यासित होकर अपने परिवार सहित रहते थे। इस अहाते को गजट उत्तर प्रदेश मलिन बस्ती सुधार एवं निपटान अधिनियम 1962 की धारा 3 के अंतर्गत पहले ही मलिन बस्ती घोषित भी किया जा चुका है, जिसका धारा 7(1) के तहत गजट मलिन बसती का प्रकाषन भी किया जा चुका है। बताया जाता है कि नगर में होने के कारण यह अहाता करोडो की सम्पत्ति है और यहां अब भूमाफिया सक्रीय हो गये है। अहाते के निवासियों का आरोप है कि भूमाफिया शैलेन्द्र कुमार वर्मा पुत्र स्व0 साहबदीन वर्मा व सुखरानी वर्मा आदि केडी व नगर निगम से सांठ-गांठ कर इस अहाता को एक छोटा सा प्लाट दिखाते हुए तथा उसके अवशेष हिस्से को मकान नम्बर 86/296, रायपुरवा, जीटी रोड दर्शाकर उसपर रह रहे किरायेदारों को प्रताडित कर खाली करा लिया और अब ऊंचे दामों पर बेंच रहे है। नरेन्द्र शर्मा ने बताया 93 लोग अध्यासित है जिनमें 30 लोगो को केडीए से पट्टा दिया जा चुका है बांकी 63 अध्यासियों को मकान नं० नगर निगम के बाबृओं से सांठ-गांठ कर बदल दिये गये है।

रिपोर्ट- राजेंद्र शास्त्री 

नेशनल आवाज़ कानपुर

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