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Tuesday, January 22, 2019

कानपुर : यूपी पुलिस की देखो माया, बलात्‍कार में मीडिएशन करवाया।



मुकदमे में बलात्‍कार की धारा होने के बावजूद विवेचक दरोगा सुभाष चन्‍द्र निजी स्‍वार्थ के चलते आरोपी को लाभ पहुंचाने की नीयत से विवेचना में खेल कर रहे हैं। ये आरोप आज बलात्‍कार की शिकार बनी एक महिला के भाई ने एक प्रेस वार्ता में लगाये।
पीडिता के भाई ने पत्रकार वार्ता में बताया कि वो मु.अ.सं. 1198 वर्ष 2018 थाना नौबस्‍ता धारा 323, 376, 498ए, 506 आईपीसी एवं 3/4 डीपी एक्‍ट में वादी मुकदमा है। उपरोक्त मुकदमे में वांछित अभियुक्त दबंग, शेरेपुस्त एवं अपराधी किस्म के व्यक्ति हैं, जिनका तमाम प्रभावशाली बड़े लोगों में उठना बैठना है। उपरोक्त लोग मुझे व मेरे परिवार को लगातार डरा धमका रहे हैं कि तुम लोग हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे, हमारी पहुंच बहुत ऊपर तक है। मेरी बहन के साथ में अभि‍युक्‍त रामपाल ने जबरदस्ती बलात्‍कार किया था जिसका सहयोग उसके परिवार वालों ने भी किया था। इसके बावजूद भी उपरोक्त मुकदमे के विवेचक दरोगा सुभाष चन्‍द्र द्वारा मेरी बहन का मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान नहीं करवाया गया।
पीडिता के भाई ने आरोप लगाया कि विवेचक द्वारा पूर्वाग्रह व आरोपियों से मिल जाने के कारण धारा 376 आईपीसी के गम्‍भीर अपराध को विवेचना से पूर्व ही नकार दिया गया है और इस गम्‍भीर आपराधिक मामले को बिना वजह परिवार परामर्श केन्‍द्र में भेज दिया गया है। इससे स्‍पष्‍ट है कि विवेचक महोदय मुकदमे में कानून सम्‍मत कार्यवाही नहीं कर रहे हैं और आरोपियों को नाजायज लाभ पहुंचा रहे हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट

नेशनल आवाज़ कानपुर

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