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Wednesday, January 30, 2019

कानपुर : पेंशन बहाली की मांगे पूरी न होने पर कर्मचारी करेंगे 6 फरवरी को हड़ताल।


मुख्यमंत्री के आश्वासन पर राज्यकर्मी परिषद ने बीते 24 दिसम्बर तक अपनी मांगो को लेकर किये जा रहे हडताल को स्थगित कर दिया था। लेकिन सरकार द्वारा पुरानी पेंशन पर कोई भी सकारात्मक निर्णय नही लिया जा सका है। ऐसे में 6 फरवरी को पुरानी पेंशन बहाली मंच द्वारा राज्यकर्मी हडताल करेंगे। यह जानकारी राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष राज भरत अवस्थी ने बताया। उन्होने कहाकि 2 माह पहले मुख्यमंत्री द्वारा आश्वासन देने पर परिषद द्वारा हड़ताल को स्थगित कर दिया गया था लेकिन अभी तक पुरानी पेंशन पर कोई भी सकारात्मक निर्णय नही लिया गया है। वहीं 6 फरवरी को होने वाली हड़ताल के लिए रणनीति तैयार की जा रही है साथ ही पुरानी पेंशन बहाली मंच सभी विभागों में जागरण अभियान चला रहा है। बताया गया कि इसके लिए आंदोलन शुरू किया जायेगा। जिसमें संध्याकांत सक्सेना, मंशा सिंह, विमल कुमार, अजीत निगम, पी के सिंह, हरीश श्रीवास्तव, सुरेश चंद्र यादव, राम स्वरूप आंदन, विमलेश यादव, डाली गौतम, अजय सिंह, मयंक त्रिपाठी, कौषल भारद्वाज, श्याम सिंह, एसएम जेड नकवी, रिूण मिश्रा, राकश बाबू पांडे, एएन द्विवेदी, अविनाश दीक्षित आदि इस आंदोलन को सफल बनायेंगे।

क्या है पुरानी पेंशन पूरा मामला :
पुरानी पेंशन नीति को लागू करने के लिए किया जा रहा है और यह जानना आवश्यक है कि पुरानी पेंशन नीति क्या है। पुरानी पेंशन में पेंशन पाने ालों के लिए जीपीएफ सुविधा उपलब्ध है और यह वेतन से होती है, जब चाहो जितनी जमा करो, जब चाहो जितनी निकालो वहीं पुरानी पेंशन योजना में रिटायरमेंट के समय एक निश्चित पेंशन (मूल वेतन का 50 प्रतिशत) की गारंटी है। पुरानी पेंशन सरकार देती है साथ ही रिटायमेंट पर ग्रेच्युटी (अंतिम वेतन के अनुसार 16.5 माह का वेतन) मिलता है। वहीं सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने पर डेथ ग्रेच्युटी मिलती है जो 7 पे कमीशन ने 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दिया हैै। साथ ही मृत्यु होने की अवस्था में उनके परिवार को पारिवारिक पेंशन मिलती है। वहीं पुरानी पेंशन पाने वालों को हर 6 माह बाद मंहगाई तथा वेतन आयोगों का लाभ भी मिलता है। इसके साथ ही जीपीएफ से आसानी से लोन लेने की सुविधा, जीपीएफ निकासी (रिटायरमेंट के समय) पर कोई आयकर नही देना पड़ता है। साथ ही जीपीएफ पर ब्याज दर निश्चित है। नई पेंशननीति का प्रावधान नई पेंशन नीति के अतंर्गत जीपी नही है यह पेंशन सरकार नही देगी सरकार से नही बल्कि बीमा कंपनी से लड़ना पड़ेगा। वेतन से प्रतिमाह 10 प्रतिशत की कटौती निर्धारित है साथ ही पेंशन कितनी मिलेगी यह निश्चित नही है यह पूरी तरह शेयर मार्केट व बीमा कंपनी पर निर्भर है ऐसे में यदि कोई समस्या आती है तो इसके अलावा नयी पेंशन वालों को ग्रेच्युटी की कोई व्यवस्था नही है।
साथ ही मृत्यु ग्रेच्युटी की भी व्यवस्था समाप्त कर दी है
पारिवारिक पेंशन को समाप्त कर दिया गया है। वहीं महंगाई और वेतन आयोग का लाभ नही मिल पायेगा। इन सब कारणों से सबसे बड़ी हानि मानी जा रही है।

रिपोर्ट- लवकुश आर्या

नेशनल आवाज़ कानपुर

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