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Friday, July 13, 2018

लोक अदालत न्याय पाने का सबसे सस्ता सरल माध्यम : अधिवक्ता जितेंद्र चौहान - UP SANDESH

कानपुर देहात 13 जुलाई 2018 (अमित राजपूत) लोक अदालत एक ऐसा मंच है जंहा न्यायालय में लम्बित या मुकदमों के रूप में दाखिल न किये गए मामलो का सौहार्द पूर्वक निपटारा किया जाता है,यह बात जनपद न्ययालय परिसर में, सिविल बार एसोसिएशन,जिला बार एसोसिएशन कानपुर देहात व एकिकृत बार के संयुक्त तत्वावधान में 'लोक अदालत एवं मध्यस्थता पर विधिक साक्षरता शिविर, संगोष्ठी में सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह चौहान ने कही इन्होंने कहा कि लोक अदालत न्याय पाने का सबसे सस्ता और सरल माध्यम है। अपराधिक मामलों को छोड़कर ऐसे मामले जिनमें समझौता गैर कानूनी है सभी मामले लोक अदालतों के माध्यम से निपटाये जा सकते है। वकील पर खर्च नहीं होता। कोर्ट-फीस नहीं लगती। पुराने मुकदमें कोर्ट-फीस वापस हो जाती है। किसी पक्ष को सजा नहीं होती। मामले को बातचीत द्वारा सफाई से हल कर दिया जाता है। मुआवजा और हर्जाना तुरन्त मिल जाता है। मामले का निपटारा तुरन्त हो जाता है। सभी को आसानी से न्‍याय मिलता है फैसला अन्तिम होता है। फैसला के विरूद्ध कहीं अपील नहीं होती, लाभ उठायें। जितेन्द्र चौहान ने कहा कि दिनाँक 14 जुलाई 2018 को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जनपद न्ययालय कानपुर देहात में भी जनपद न्यायाधीश श्री पीयूष चन्द्र श्रीवास्तव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत का आयोजन हो रहा है जिसका लाभ उठाने का आवाहन करते हुए जितेंद ने कहा कि जिनके मामले लोक अदालत में नही लगे है वह आपसी सहमति से न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर लोक अदालत में लगवा सकते है। जिला बार एसोसिएशन के महामन्त्री मुलायम सिंह यादव ने कहा कि, राज्य के सभी जिलों में स्थाई लोक अदालतों व मध्यस्था केन्दों की स्थापना की गई है। जिससे शहरी व ग्रामीण गरीब पिछड़े वर्ग के लोग को न्याय मिल सके। तथा यह भी बताया गया कि गरीब पिछड़े वर्ग के लोग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सदस्य, महिलाऐं व बच्चे, मानसिक रोगी व विकलांग एवं अधिन सताए श्रमिक तथा कारागार किशोर व गरीब परिवार के कैदी तथा ऐसे सभी व्यक्ति जिनकी आय 1,00,000 रू0 से कम है। को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने के पात्र है तथा सरकारी खर्च पर निःशुल्क वकील उपलब्ध करा दिया जाता है।एकिकृत बार एसोसिएशन के महामन्त्री शशिभूषण सिंह चौहान ने कहा कि ने कहा कि लोक अदालत न्याय पाने का सबसे सस्ता और सरल माध्यम है। अपराधिक मामलों को छोड़कर ऐसे मामले जिनमें समझौता गैर कानूनी है सभी मामले लोक अदालतों के माध्यम से निपटाये जा सकते है। इस लिए लोग लोक अदालतों का भरपूर लाभ उठायें।सजंय सिंह सिसोदिया ने कहा कि लोक अदालत में सुलह-समझौते के आधार पर मुकदमों का निस्तारण होता है। इससे वादी-प्रतिवादी के आपसी संबंध भी नहीं बिगड़ते वही कम समय में न्याय मिल जाता है।एकीकृत बार के पूर्व उपाध्यक्ष रामदेव सिंह ने कहा कि कलक्ट्रेट तहसीलों,आदि के अलावा सरकारी विभागों में लोक अदालतों का दायरा बढ़ाकर, महिला आयोगों, विभिन्न अदालतों, श्रम अदालतों, औद्योगिक न्यायाधिकरणों और कर न्यायाधिकरणों आदि में लंबित पड़ी याचिकाओं की सुनवाई हेतु व सभी परिवार अदालतों में विशेष लोक अदालतों का गठन किया गया है। अध्यक्षता रणधीर सिंह सिसौदिया ने की संचालन अरविन्द सिंह कुशवाह ने किया।प्रमुख़ रूप से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविन्द सिंह राठौर, रमेश चन्द्र सिंह गौर,सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रदीप कुमार पाण्डे धीरेन्द्र प्रताप सिंह,आदित्य मिश्रा, योगेन्द्र प्रताप सिंह चौहान, कमलेश दीक्षित, सत्यमनराज सिंह,श्याम यादव, व आदि लोग मौजूद रहे l


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