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Friday, June 22, 2018

योग ज्ञान मनुष्य के अंतर्ज्ञान की शक्तियों को सुधारता है : जितेंद्र प्रताप चौहान - UP SANDESH

कानपुर देहात 22 जून 2018 (अमित राजपूत) योग एक प्राचीन शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है जो भारत में उत्पन्न हुआ है और अब दुनिया भर के विभिन्न भागों में प्रचलित है।यह बात सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह चौहान ने विश्व योग दिवस के अवसर पर सिविल बार एसोसिएशन के तत्वावधान में योगा पखवारा मनाते हुए पुखरायां स्थित पटेल चौक मे कही।जितेन्द्र चौहान ने कहा की योग की उत्पत्ति संस्कृत के शब्द, 'युज से हुई है। इसका मतलब है जुड़ना, कनेक्ट या एकजुट होना। यह सार्वभौमिक चेतना के साथ व्यक्तिगत चेतना का संघ है। योग 5000 साल पुराना भारतीय दर्शनशास्त्र है।कहा कि योग तथा ध्यान मनुष्य के अंतर्ज्ञान की शक्ति को सुधारता हैं। जिससे उसको यह पता चलता हैं कि उसे क्या,कब,कैसे करना हैं जिससे उसको सकारात्मक परिणाम मिले। कहा कि यह कार्यकर्ता हैं, इसे केवल अनुभव करना हैं। अतः योग का लगातार अभ्यास करना चाहिए।जो जितना अधिक गहरा अभ्यास करता हैं,उसे उतना अधिक लाभ मिलता हैं।कहा की यह आंतरिक शांति और आत्मीय ज्ञान प्राप्त करने में मदद करता है।योग का नियमित अभ्यास शरीर में सकारात्मक बदलाव लाते हैं जिनमें मजबूत मांसपेशियां, लचीलापन, धैर्य और अच्छा स्वास्थ्य शामिल है।जितेन्द्र ने कहा कि योग एक बहुत ही उपयोगी अभ्यास है जिसे करना बहुत आसान है और यह कुछ गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं,जो आज के जीवन शैली में सामान्य हैं,से भी छुटकारा पाने में मदद करता है।यह हमें फिट रखता है, तनाव को कम करने में मदद करता है और समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखता है और एक स्वस्थ मन ही अच्छी तरह से ध्यान केंद्रित करने में सहायता कर सकता है।उपस्थित शिक्षकों का आवाहन करते हुए बच्चों और किशोरों को योग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिये क्योंकि यह उनकी पढ़ाई में बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है।चकही सन्दलपुर विद्यालय के शिक्षक प्रमोद कुमार पाल ने उपस्थित जन को योगाभ्यास कराते हुए कहा कि योग को आसन तक सीमित होने की वजह से आंशिक रूप से ही समझा जाता है, लेकिन लोगों को शरीर, मन और सांस को एकजुट करने में योग के लाभों का एहसास नहीं है।कहा कि  किसी भी आयु वर्ग और किसी भी शरीर के आकार के व्यक्ति द्वारा योग का चयन और इसका अभ्यास किया जा सकता है। यह किसी के लिए भी शुरू करना संभव है। आकार और फिटनेस स्तर से कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि योग में विभिन्न लोगों के अनुसार प्रत्येक आसन के लिए संशोधन मौजूद हैं।योग शिविर के आयोजन में महती भूमिका अदा करते हुए शिक्षामित्र संघ जिलाध्यक्ष महेन्द्र पाल, सिकन्दरा तहसील सिविल बार अध्यक्ष जनमेजय सिंह,सन्दलपुर साधन सहकारी समिति अध्यक्ष विनोद कटियार,पूर्व प्रधान शिवमोहन संखवार ने योग को जीवन मे अपनाने के महत्व पर बल देते हुए कहा कि यह व्यायाम का प्रकार है जो,नियिमित अभ्यास के माध्यम से शारीरिक और मानसिक अनुशासन सीखने में मदद करता है।शिक्षक गण अवधेश कुमार,सुरेन्द्र विश्वकर्मा, आलोक सचान,रमेश बाबू,गणेश अवस्थी, कुलदीप कुमार ,देवेन्द्र यादव,महेन्द्र यादव ने इस तरह के योग शिविर वर्ष पर्यन्त निरन्तर लगाते रहने पर जोर देते हुए इसके लाभो पर चर्चा करते हुए कहा कि ध्यान से मानसिक तनाव दूर होता है और मन को गहन आत्मिक शांति महसूस होती है जिससे कार्य शक्ति में वृद्धि होती है, नींद अच्छी आती है, मन की एकाग्रता एवं धारणा शक्ति बढती है।योग शिविर के विधि छात्र साजेब सोलंकी,बीमा अभिकर्त्ता गण गजेन्द्र सिंह यादव राम बाबू ने सहभाग करते हुए कहा कि योग दर्शन और धर्म से परे है और गणित से कुछ ज्यादा है।

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