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Thursday, April 26, 2018

निर्देशों पर नहीं शुरू हुआ अम्ल, होटलों, रेस्टोरेंट, शराब की दुकानों में ग्राहकों को परोसी जा रही शराब - UP SANDESH

कानपुर 26 अप्रैल 2018 (विशाल तिवारी) शहर के दर्जनो होटलो और रेस्टोरेंट ही नही बल्कि शराब की सभी दुकानो में शराब पिलाने की व्यवस्था है। आसानी से देखा जा सकता है कि शराब की दुकान में ही एक छोटा कमरा होता है जहां ग्राहको को शराब पिलाई जाती है, साथ ही खाने-पीने की भी व्यवस्था होती है। इतना ही नही जिनके पास जगह नही होती उन दुकानो में भी दुकान के बाहर ही लोग शराब पीते दिख जायेंगे। बड़ी बात तो यह शराब की दुकान में ही पानी, बर्फ, गिलास और नमकीन भी बिकती है। 



कानपुर में लगभग 1500 होटल और रेस्टोरेंट है। जिसमें 40 प्रतिशत होटलो और रेस्तरां में शराब पिलाई जाती है। साथ ही ऐसे दर्जनो छोटे-मोटे होटल व रेस्टोरेंट है, जहां शराब पिलाने की व्यवस्था है। इतना ही नही शहर में ही ढाबों पर भी शराब की व्यवस्था होती है। जबकि इस व्यवस्था के तहत लाइसेंस लेने वाले होटल और रेस्टोरेंट की संख्या मात्र 10 ही है। अकेले सिविल लाइन में ही कई ऐसे होटल और रेस्टोरेंट है जहां ग्राहकों को शराब पिलाई जाती है। इसका एक उदाहरण हुक्काबार है जहां आबकारी विभाग ने भारी मात्रा में मंहगी विदेशी शराब पिलाई जाती है।



आबकारी आयुक्त द्वारा इस संबंध में कुछ दिन पहले कानपुर ही नही अपितु प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और जिला आबाकारी अधिकारियों को निर्देश जारी किया था कि अस्थायी लाइसेंस लेकर अब शहर के होटल और रेस्टोरेंट में ग्राहको को शराब नही परोसी जायेगी तथा कहा था कि यदि अब होटल और रेस्टोरंट में ग्राहकों को शराब पिलाने की शिकायत आती है तो सख्त कार्यवाही की जायेगी। लेकिन इन निर्देशो को अभी अम्ल पर पूरी तरह नही लाया गया है। होटलो व रेस्टोरेंट में अभी भी पहले की तरह ग्राहकों को शराब परोसी जा रही है। कचहरी, आर्यनगर, ग्वालटोली चैराहा, कोकाकोला क्रासिंग, स्टेशन, विजय नगर, रामादेवी जीटी रोड, बाईपास स्थित होटलो में चोरी छिपे बिना लाइसेंस के शराब परोसी जा रही है। इतना ही नही शराब की दुकनो में भी शराब पिलाने के लिए एक कमरे की व्यवस्था होती है जहां बाकायदा खाने की सामग्री भी उपलब्ध होती है। जबकि इन शराब की दुकानो में शराब पिलाने का कोई लाइसेंस नही होता। इतना ही नही जिन दुकानो में जगह नही होती वहां लोग दुकान के बाहर ही शराब पीते है साथ ही गिलास-पानी और नमकीन भी शराब की दुकानो पर बिकता है। 


आज शहर में कोई ऐसी शराब की दुकान नही जहां शराब न पिलाई जाती है और यह सब स्थानीय थाना पुलिस की सांठ-गांठ से होता है। शराब की दुकानों पर भले ही पुलिस की तख्ती पर लिखा हो यहां शराब पीना सख्त मना है आज्ञा से थानाध्यक्ष लेकिन सत्य इससे विपरीत है। कारण यह की स्थानीय थानो में शराब की दुकान से मोटी रकम जाती है, इसलिए पुलिस कार्यवाही नही करती है। ग्वालटोली चैराहा, कल्यानपुर, आर्यनगर चैराहा, परेड चैराहा से मछलीबाजार वाली रोड, मेवरमील सहित शहर के कई थाना क्षेत्रों में दुकानों में शराब पिलाई जा रही है।

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