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Friday, April 6, 2018

अधिवक्ता जितेंद्र प्रताप चौहान ने ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया


कानपुर देहात 6 अप्रैल 2018 (अमित राजपूत) हर आदमी को रहने के लिए एक पक्का घर चाहिए जो सबके जीवन में एक बहुत ही जरूरी चीज है, लेकिन हर कोई व्यक्ति खाने-पीने का जुगाड़ तो किसी ना किसी तरह कर ही लेता है, पर हर कोई एक घर बनाने में सक्षम नहीं होता। यह देखते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीबों के लिए जो अपना घर बनाने में असक्षम हैं। उनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुवात की है। सिविल बार एसोसिएशन के तत्वावधान में तहसील सिकन्दरा विकास खण्ड संदलपुर के गांव नेपलपुर में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह चौहान ने बताया प्रधानमंत्री आवास योजना की मदद से एक गरीब घर बनाने में असक्षम व्यक्ति अपना घर बना कर सपनों को पूरा कर सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना उन लोगों के लिए शुरू की गयी है, जो बहुत गरीब हैं। जिनके पास रहने के लिए घर नहीं है या जो गरीबी रेखा से नीचे हैं। शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को 9 लाख रुपए तक के लोन पर 4% और 12 लाख रुपए तक के लोन पर 3% की छूट मिलती है। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार ने घरों को बनाने में 33% की वृद्धि की है। सरकार ने होम लोन के ब्याज दर को कम किया था ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपना मजबूत पक्का घर बना सकें। जो लोग अपने घरों की मरम्मत करवाना चाहते हैं उन्हें 2 लाख रुपए तक के लोन में 2% की छूट भी दी जाएगी।जितेन्द्र चौहान ने बताया कि बताया कि इस योजना के पात्र ब्यक्ति वही होंगे जिनकी  उम्र 70 वर्ष से कम हों। यह स्कीम मात्र गरीब और ज़रुरत मंदों के लिए है जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपयों से कम है। आवेदन करने वाले व्यक्ति के परिवार में स्वयं का बनाया हुआ कोई आवास नहीं होना चाहिए।अपने वार्षिक आय का सर्टिफिकेट और एफिडेफिट आपको दिखाना होगा।आवेदक चाहें तो आवास योजना के लिए अपने घर के किसी महिला के नाम पर भी आवेदन कर सकता हैं। जितेन्द्र चौहान ने किसान फसल बीमा योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किसानों की फसल के संबंध में अनिश्चितताओं को दूर करने के लिये नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट ने 13 जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसानों की फसल को प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुई हानि को किसानों के प्रीमियम का भुगतान देकर एक सीमा तक कम करायेगी जनपद कानपुर देहात के आखिरी गांव नेपलापुर में जनहित की तमम्म समस्याओं के समाधान में स्थाई लोक अदालत की महत्ता की जानकारी देते हुए बताया कि, केंद्र सरकार ने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम की धारा 22 का विस्तार करते हुए शिक्षा व शैक्षणिक संस्थान एवं हाऊस एंड रियल स्टेट को भी लोक उपयोगी सेवा में शामिल कर दिया है। अब ऐसे मामलों की सुनाई स्थायी लोक अदालत की पीठ में हो सकेगी। और तीन महीने के अंदर पीड़ित को न्याय मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि पूर्व में जारी दिशा निर्देशों के तहत यातायात डाक विभाग, बीमा, नगरपालिका, स्वास्थ्य, बिजली विभाग आदि लोक उपयोगी सस्थाएं ही इस न्यायालय के क्षेत्राधिकार में आती रही हैं। बैंक व शिक्षा संस्थान रियल स्टेट आदि संस्थाओं को भी शामिल करने की मांग हो रही थी। केंद्र सरकार ने बैंकों को अभी तक शामिल नहीं किया, लेकिन शिक्षा शैक्षणिक संस्थान मकान व रियल स्टेट के विरूद्ध वादकारी इस न्यायालय में मुकदमें दाखिल कर सकेंगे।सिविल बार एसोसिएशन सामाजिक प्रकोष्ठ सिकन्दरा तहसील अध्यक्ष जनमेजय सिंग एडवोकेट ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की भुगतान की जाने वाली प्रीमियम (किस्तों) दरों को किसानों की सुविधा के लिये बहुत कम रखा गया है ताकि सभी स्तर के किसान आसानी से फसल बीमा का लाभ ले सकें। साधन सहकारी समिति संदलपुर अध्यक्ष व विधि क्षात्र विनोद कटियार ने किसानों की समस्याओं को रखते किसान क्रेडिट कार्ड व उससे जुड़े लाभो की जानकारी दी तथा शिक्षा मित्र संघ जिलाध्यक्ष कानपुर देहात महेन्द्र पाल ने शिक्षा से जुड़ी समस्याओं व उसके समाधान की जानकारी दी। प्रधानाचार्य एन के दीक्षित ने  स्वक्षता से जुड़ी तमाम जानकारियां दीइस अवसर प्रमुख रुओ से पूर्व प्रधान नेपलापुर सन्तोष कुमार, ब्रजेश मुनीम जी,नीरज दिवाकर, गुड्डू सिंह,डाक्टर सविता,ग्राम नेपलापुर प्रधान श्री बाबू उदय प्रताप सिंह आदि भारी संख्या में ग्रामीण व क्षेत्रवासी मैजूद रहे।

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